Tera Nasha (تیرا نشہ) Heart Touching Sufi Qawwali cover art

Songtexte

जिसने हो…
आ…
सा धा…
सा रे सा रे… प ध नी…
सा ध सा रे… प ध सा…

ये दिल जो जलता है—
ये आग यूँ ही नहीं है।

निगाह-ए-यार ने जब से चुना है मुझे,
मिट्टी था मैं—उसने खुदा सा बना दिया मुझे।

तेरे दर पे झुक गया ये,
मेरी हार नहीं।
ये वो इश्क़ है
जिसने सजदा सिखा दिया मुझे।

ये इश्क़ है—हाँ, इश्क़ है।
ये दर्द है—हाँ, दर्द है।

नशा अगर शराब में होता,
तो नाचती बोतल।
नशा अगर शराब में होता,
तो नाचती बोतल।

नशा तो तेरी आँखों में है, मेरे साथी—
जिसने होश छीन कर
मुझे फना कर डाला, पल में।

रे सा रे…
सा रे…

मैंने पी है—हाँ, मैंने पी है—
इश्क़ वाली वो दवा,
जिसने ज़ख़्म भी दिए
और ज़ख़्मों में ही खुदा दिखा।

सजदा किया है—
सजदा किया है।
तुझको सजदा किया है।

काबा भी देखा,
काशी भी देखी—
देखे हर दर, हर गली।
जो सुकून तेरे क़दमों में मिला,
वो राहत ना मिली कहीं भी।

तेरी सूरत को मैंने खुदा माना,
तेरे नाम से ही
रूह को पहचाना।

सर वही झुकता है
जहाँ सुकून पलता है।
तेरे चरणों में ही
मेरा ईमान ढलता है।

मेरी साँसों का ज़िक्र भी अब
तुझसे शुरू,
और तुझ पे ही ख़त्म होता है।

दमादम… दमादम…
इश्क़ की ये सदा।
दमादम… दमादम…
तू ही है खुदाम।

सा… रे… सा…
मा… सा…

ये इश्क़ है।
ये दर्द है।
ये जुनून है।
ये फना है।

तू ही मंदिर,
तू ही मस्जिद।
तू ही रब है,
तू ही सब है।

अगर मिट जाऊँ मैं
तेरे नाम में—
तो ये मिटना भी इबादत है।
क्योंकि मैंने सीखा है
तेरे इश्क़ से—

सजदा ही
मेरी असल दौलत है।

सजदा किया है।
सजदा किया है।
तुझको सजदा किया है।